तेल के कुल्ले : ( जिसकी उत्पति भारत में हुई लेकिन आज मश्हूर है विदेशो में )

आयुर्वेदा की शक्तिओ को कम मत समझिए | यह हमारा ५००० साल पूर्व  जीवन का विज्ञानं  है जिसके कुछ नियमो का पालन करके  आप  उत्तम स्वास्थ को प्राप्त कर सकते है |

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आयल पुलिंग आयुर्वेदा की सव्श्रेस्त्र विधियों में से एक है जिसके उपयोग से आप बड़ी आसानी से दातो के स्वास्थ में सुधार ला सकते है | और आपको इससे सर दर्द , दातो के दर्द , अम्लता , जोड़ो के दर्द , पेट की समस्या , , इत्यादि में आराम मिलेगा |

इसकी उत्पति तो भारत में हुई है लेकिन आजकल ये विदेशो में बहुत प्रचलित है हम इसको महत्व नही दे रहे है और विदेशो में लोग इस विधि का पूरा लाभ उठा रहे है यह केवल १५ से २० मिनट की विधि है और प्रतिदिन इसको करने में केवल २ रुपये का खर्च आता है |

मै इसको रोज़ करता हू और मैंने इसको रोमांचंक बना लिया है मै  आपसे से शर्त लगा सकता हू कि अगर  आप ने मेरी तरीके  से करंना शुरू किया तो आपके लिए भी ये रोमांचक हो जाएगा |

आयल पुलिंग कि विधि :

सुबह खली पेट एक चम्मज तिल का तेल या नारियल का तेल या सूरजमुखी का तेल लेकर अपने मुँह में डाले और उसको मुँह में घुमाए हर दांत पर , मसूड़े पर , गले के अन्दर तक , मुँह के तलवे पर ले जाए जीभ कि मदद से  और उसको ऊपर निचे ले कर जाए और ये जरूर धयान रखे कि आयल  निगलना बिलकुल भी नही है |

अपनी ढोडी को उठाये और तेल को पुरे मुह में घुमाए | पहले तो तेल चिपचिपा लगेगा लेकिन कुछ मिनट के बाद तेल दूध की तरह सफ़ेद व् पतला हो जाएगा तब आप इसको थूक सकते है लगभग १५ से २० मिनट लगते है उसके बाद अपने मुह को अच्छी तरह से साफ़ करे  और आप टूथ ब्रश से अपने दातो को साफ़ कर सकते है ( सुझाव : मुह को साफ़ करने के लिए आप गरम नमकीन पानी भी उपयोग कर सकते है )

तेल को मुह में घुमाने से तेल में  विषैले अढु फस जाते  है क्योकि तेल गाड़ा होता है  तो इसको सिर्फ अगर आप १५ मिनट भी रोज़ कर लेते है तो आप इसकी मदद से अच्छा स्वास्थ पा सकते है |

 

 images (9)डॉ. कारश्च ने आयल पुलिंग के ऊपर अनुसन्धान किया है और उन्होंने जब कुल्ला किया हुआ सफ़ेद आयल को माइक्रोस्कोप से जाँचे तो उन्होंने जिन्दा कीटाणुओ को तैरते हुए देखा जो की जहर के सामान है तो गलती से भी उसे न निगले | यदि इन किटाणुओ को समाप्त नही किया तो ये बीमारियो का कारण बनते  है डॉ. कारश्च ने  अपनी पुरानी खून और १५ साल पुरानी गठिया जैसी बीमारियो को इससे दूर किया |

शुरू में इसे करना आसान नही होगा तो मै आपको सुझाओ देना चाहूंगा की आप पहले दो दिन सिर्फ ५ मिनट करे व् दो दिन बाद १० मिनट करे और १ सफ्ताह के बाद आप इसे कम से कम  १५  मिनट तक रोज़ करे |

आप इसको दिन में २ से ३ बार तक कर सकते है लेकिन नाश्ता व्  दोपहर के भोजन  से ४ घंटे के बाद.. ताकि पेट खली हो जाए |

मै आयल पुलिंग को  रोमांचक बनाने के लिए इसके साथ अपने बहुप्रिये वीडियो गीत को टेलीविज़न पे लगा देता हू जिससे मुझे पता भी नही लगता और २० मिनट जट से गुजर जाते है बड़ी आसानी से… और मै बिना नागा किये रोज़ करता हू |

अब यह मेरे लिए एक बहुत ही रोमांचक और लाभकारी विधि बन चुकी है |

मै आशा करता हू की आप को मेरा यह ब्लॉग अच्छा लगा होगा | कृपया इसे अपने मित्रो के साथ भी शेयर करे और आपको अगर कोई प्रश्न पूछना है तो आप कमेंट कर सकते है |

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